तो हँस के ग़ज़ल करना

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aabha dube
रह-ए-इश्क में कुछ तुम भी,अपने से पहल करना।
तोहफे़ में मिले आँसू,तो हँस के गजल करना॥
फिर से बखुशी लौटे,वो बज़्म हिरासत में।
रौनक में शमअ का भी,मंजूर दखल करना॥
वो बार उठाना मत,लम्हों का सफर लेकर।
आए न जिसे ग़म को,रंगों की फसल करना॥
बहकर के बहलते हैं,अश्कों का भरोसा क्या।
आसां नहीं यादों की,दुश्वरी सहल करना॥
वो घर है हकीकत में,दीवारों-दर-की अज़मत।
कहती हो जहां बाँहें, बस काम ये कल करना॥
जज़्बे में मसीहा तो,सहलाएँगे बन सहारा।
साहिल को भिगोता है,समन्दर भी उछल कर न॥
ये जंग जरूरी है, यहाँ ऐसे बखीलों से।
रखते हैं जो बेटी को,आलों में मसल कर न॥
वो भी तो जुदाई में, पागल-सी बिखरती हैं।
जिस आँख को आता है,हर बात पर छल करना॥
                                                     #आभा दुबे ‘अनामिका’
परिचय : आभा दुबे ‘अनामिका’ मध्यप्रदेश के मंडला में बसी हुई है। आप अखिल भारतीय साहित्य परिषद(महाकौशल प्रांत) की सदस्य हैं। साहित्य की विधा-गीत,ग़ज़ल,लेख तथा कहानी आदि में सक्रिय हैं।
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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।