सूरज

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सूरज लालिमा अपनी बिखराता,
फिर से सूरज आ रहा है
आँखों की बाकी नींदों पर,
फिर उजाला छा रहा है,
फिर  से   सूरज…l
भोर का सुन आगमन तब,
चिड़िया सब उड़ने लगी फिर
खिलखिलाती धूप निकली,
खिड़कियाँ खुलने लगी फिर
हर तरफ का शोर सलोने,
सपनों को उलझा रहा है,
फिर  से   सूरज…l
बसंत मास की सुबह सुहानी,
इतनी धूप कहाँ से आई
धीरे-धीरे पवन चल रही,
हर्षित रूप कहाँ से लाई
सूरज आसमान पर चढ़कर,
सबको आँखें दिखा रहा है,
फिर  से  सूरज…l
आ गई  दोपहर मतवाली,
माँ  के तारे माँ से दूर थे
स्कूल से घर को आने में,
बच्चों के मन  चूर-चूर थे
देख-देख बच्चों की पावस,
सूरज नजरें चुरा रहा  है,
फिर  से  सूरज…l
शाम की पावन बेला में,
मन कहीं भी ठहर न पाए
इस मोहिनी शाम की फिर,
अब कोई भी सुबह न आए
सब  हुए  उदास पल  में,
फिर अंधेरा छा रहा है,
फिर  से  सूरज…l
                                                                             #अजीत कुमार लोधी
परिचय: अजीत कुमार लोधी की जन्मतिथि १८ जुलाई १९९९ तथा जन्म स्थान-मुम्बई(महाराष्ट्र) है l आपने स्नातक करके कार्यक्षेत्र के लिए शिक्षा को चुना हैl नई पीढ़ी को हिन्दी का महत्व समझाना और सामाजिक क्षेत्र में हिन्दी का विकास करना आपका उद्देश्य हैl  विधा-श्रृँगार (वियोग) में रचते हैं l विश्वगुरू भारत परिषद सम्मान-२०१७ पाया है l आपके लेखन का उद्देश्य है कि,अपनी पीढ़ी को बताना चाहते हैं कि,वो मातृ भाषा का सम्मान करें l 

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।