अंतिम भाग…..
अचेत होकर गिर गई, काफी देर तक होश में लाने की कोशिश की,पर बेहोश थीl जब होश आया तो अपने आपको अस्पताल में पाया l आँख खुलते ही सिर्फ एक नाम जुबाँ पर आया….
-राजीव…राजीव कहाँ है ?
-गांव से उनके घरवाले आए थेl उनको साथ लेकर चले गए…एक औरत की आवाज थी नजर उठाकर देखा तो सरला के माँ-बाप खड़े थेl
-माँ आप…इतना ही कह पाई और आँखों से आंसू बरसने लगे…रोते-रोते ही गले लग गएl
ऍम सॉरी ममाl
बात-बात पर गुस्सा होने वाले…मारपीट,गाली-गलौच करने वाले शर्मा जी आज बिल्कुल शांत खड़े थे।
जब सरला माँ के गले लगने के बाद शर्मा जी से बोली
-ऍम सॉरी पापा….सॉरी कहते कहते सावन की तरह आंसू बरसने लगे।
-बेटी ये सब क्या हो गया ? शांत स्वभाव से पूछा
-ऍम सॉरी पापा जी,आपका ममा के साथ झगड़ा होना और मुझे डाँटना,जिससे मै अपने आपको घर में असहज महसूस करने लगीl मुझे लगता था,आप लोग मुझसे प्यार ही नहीं करते और दूसरी तरफ राजीव मुझसे बहुत प्यार करता थाl मेरा बहुत ख्याल रखता था,जिससे मेरे कदम बहक गएl
-`ऍम सॉरी पापा जी….सॉरी` -रोते-रोते कहा।
सुनकर शर्मा जी की आँखें भर आई,वे बोले
-बेटी तुम ही मेरा बेटा-बेटी,सब कुछ होl अगर तुमसे प्यार नहीं करुंगा,तो किसे ? तुम्हें इसलिए डांट रहा था कि, मेरा प्यार तुझे बिगाड़ न दे,क्योंकि तुम मेरी इकलौती संतान हो, पर बेटी ….!
इतने में रोती हुई सरला, शर्मा जी के गले लग गई और बार-बार माफ़ी मांगने लगीl
-`ऍम सॉरी पापा जी, मुझसे भूल हो गई।`
-`मुझे शर्मिंदा मत करो बेटा,चलो अब घर चलते हैं।`
तीनों घर चले जाते हैंl धीरे-धीरे सरला की जिंदगी पटरी पर लौटने लगी ,और कुछ दिनों बाद समाचार मिला कि,राजीव ने गांव में दूसरी लड़की से शादी कर ली है।
#एल.आर. सेजू
परिचय : एल.आर. सेजू थोब राजस्थान की तहसील ओसिया(जिला जोधपुर) में रहते हैं।आपको हिन्दी लेखन का शौक है। अधिकतर लेख लिखते हैं।