
हाँ हमें आजाद हुए
७० वर्ष पूरे हो गए,
अँग्रेजों की गुलामी
से तो हम आजाद हैं,
परंतु जातिवाद
भष्टाचार,असमानता
लिंग भेद,आदि
पुराने रीति-रिवाजों,
कॊ तोड़कर
जन-जन कॊ
जागकर
एक नई क्रांति
लानी होगी,
जिससे हम सभी जगह
समानता ला सकें,
तभी हम सही मायने में
आजादी कहलाने
और मनाने के सच्चे
हकदार हैंl
#कपिल खंडेलवाल
परिचय..कपिल खंडेलवाल का उपनाम कवि ‘कपिल’ हैl आपका निवास राजस्थान के कोटा जिले के महावीर नगर में हैl जन्मतिथि २७ अक्तूबर १९८१ हैl


बहुत सुन्दर कविता
nice poem bhai…. aap to chha gaye
nice poem brother