हाथी और दर्जी

mukesh bohara
एक हाथी और दर्जी में था,
बहुत घनेरा प्रेम, दोस्ती।
प्रेम-भाव से मिलते-जुलते,
पाते सच्ची जीवन मस्ती॥
हाथी नदी किनारे हर दिन,
करने जाता स्नान,जलपान।
उसी डगर के बीच सफर में,
आती थी दर्जी की दुकान॥
दर्जी  देता  रोटी रोज,
कभी न करता इसमें भूल।
हाथी भी था प्रेम का पक्का,
लेकर  देता  ताजे  फूल ॥
एक दिन दर्जी के एवज में,
बैठा था दर्जी का बेटा।
बहुत शरारत,बदमाशी भी,
करता था दर्जी का बेटा॥
हाथी आया सूंड पसारी,
और लड़के ने सुई चुभो दी।
चली आ रही प्रेम-परम्परा,
क्षण में काट,दुश्मनी बो दी॥
हाथी को फिर आया गुस्सा,
नदी में जाकर कीचड़ लाया।
कीचड़ छिड़क,धो दिए कपड़े,
बदमाशी का सबक सिखाया॥
दर्जी का बेटा हुआ अचंभित,
लगा सोचने ,यह क्या बला?
हाथी कहने लगा,ओ!सुन ले,
कर  भला  तो  हो  भला॥
(शिक्षा-कर भला तो हो भला)
                                                                                          #मुकेश बोहरा ‘अमन’ 
परिचय : मुकेश बोहरा ‘अमन’ अधिकतर बाल रचनाएँ रचते हैं। आप पेशे से अध्यापक होकर बाड़मेर (राजस्थान) में बसे हुए हैं।

matruadmin

Next Post

तुम्हीं हो

Mon Jul 17 , 2017
तुम्ही तो हो ग़ज़ल मेरी,तुम्हीं मेरा तराना हो। तुम्हीं हो छंद की बरखा,तुम्हीं मौसम सुहाना हो॥ तुम्हारे ही लिए हमने,लिखी है प्यार की बातें। तुम्हीं मेरी मुहब्बत हो,तुम्हीं मेरा ठिकाना हो॥                                       […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।