बैकुंठ लाल शर्मा “प्रेम” का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन

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 नई दिल्ली |
दो बार के सांसद तथा विश्व हिन्दू परिषद् के केन्द्रीय मंत्री रहे जुझारू हिन्दू नेता श्री बैकुंठ लाल शर्मा “प्रेम” उर्फ़ प्रेम सिंह “शेर” का पार्थिव शरीर वेद मन्त्रों के उच्चारण के बीच आज पंच-तत्व में विलीन हो गया. नई दिल्ली के निगम बोध घाट पर आज प्रात: 10 बजे उनके धेवते (बेटी के पुत्र) श्री केशव शर्मा ने उन्हें मुखाग्नि दी. उनका शनिवार सुबह शरीर शांत हो गया था. वे 90 वर्ष के थे.

  श्री बीएल शर्मा प्रेम के दक्षिणी दिल्ली के बीके दत्त कोलोनी स्थित निवास स्थान से सुबह प्रारम्भ हुई उनकी अंतिम यात्रा निगम बोध घाट पर समाप्त हुई जिसमें उनके परिजनों रिश्तेदारों व ईष्ट मंत्रों के अलावा दिल्ली के अनेक गणमान्य लोग सामिल थे.

  उनकी अत्येष्टि में विश्व हिन्दू परिषद् के अंतर्राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष एडवोकेट श्री आलोक कुमार, केन्द्रीय प्रबंध समिति के सदस्य श्री दिनेश चन्द्र, प्रांत अध्यक्ष श्री कपिल खन्ना, उपाध्यक्ष श्री सुरेन्द्र गुप्ता, कार्याध्यक्ष श्री वागीशा इस्सर व महा मंत्री श्री बच्चन सिंह, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के श्री प्रेम कुमार गोयल, प्रांत संघचालक श्री कुलभूषण आहूजा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष श्री मनोज तिवारी, सांसद श्री महेश गिरी व रमेश विधूड़ी, श्री विजय जौली, अखंड हिन्दुस्थान मोर्चा के श्री किरण पाल सिंह त्यागी के अतिरिक्त श्री प्रेम जी की बेटी श्रीमति सुषमा व निवेदिता तथा भतीजे श्री रणवीर सिंह तथा विनोद शर्मा भी उपस्थित थे.      

विनोद बंसल

(राष्ट्रीय प्रवक्ता)

विश्व हिन्दू परिषद्

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।