जीवन दर्शन करवाती है….

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sandip sharma
‬अन्तःस्थल में उठती भाव रुपी लहरें,
जब अनवरत हिलोरे खाती है।
तब मानस पटल पर सहसा ही,
कविता अंकित हो जाती है।
हो जाए तो क्षण भर में ही,
अन्यथा लम्बी यात्रा करवाती है।
कभी कल्पना की उड़ान के साथ
तो कभी निज अनुभवों को गाती है।
कभी किसी दूसरे पर बीती हुई,
कभी स्वयं पर बीती सुनाती है।
कभी चिंतन की रेखा छूकर,
जीवन दर्शन करवाती है।
कभी मानवता के आदर्शों से,
शब्दों से परिचय करवाती है।
उन्मुक्त गगन में उड़ती-सी,
अपनी यात्रा कर जाती है।
इतिहास के अमिट पन्नों पर,
अपना गौरव लिखवाती है।
कभी प्रेरणा देकर जग को,
सृजनशीलता बढ़ाती है।
कभी अंगारों-सी दहक कर,
विसंगतियों को जलाती है।
कभी हृदय की पीर समझ,
अवसादोंं को मिटवाती है।
कभी भक्तिरस पूरित होकर,
ईश्वर वन्दन कर जाती है।
कभी श्रद्धा का स्वरुप बन,
मात- पिता को शीश झुकाती है।
कभी हास्य रस को समेट,
रोम-रोम पुलकित कर जाती है।
कभी करुणा को धारण कर
नयनों से अश्रु बहाती है।
कभी आत्मतत्व का ध्यान लगा,
हृदय में ज्योति जगाती है।
कविता शब्द सामान्य नहीं,
यह ब्रह्मानन्द की ओर ले जाती है।
कविता जीवन की सहचरी बन
जीवन को धन्य कर जाती है॥
                                                                               #संदीप शर्मा
परिचय : संदीप शर्मा की शिक्षा-शास्त्री (बी.ए.),शिक्षा शास्त्री(बी.एड)है,और आचार्य के लिए अध्ययनरत(एम.ए.)हैं। आप वेदों का अध्यापन कराते हैं। निवास मध्यप्रदेश के गांव-भँवरासा (तह.जीरन,जिला नीमच) में है।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।