मातृभाषा द्वारा लघुकथा मन्थन 2025 का आयोजन शुक्रवार को

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श्री नागर और श्री सोढ़ी होंगे जीवन गौरव सम्मान से सम्मानित

लघुकथा पर नए युग के विमर्श के साथ प्रदेशभर से आए लघुकथाकार करेंगे लघुकथा पाठ

इन्दौर। हिन्दी और उसकी विधाओं के प्रचार के लिए कार्यरत मातृभाषा उन्नयन संस्थान हिन्दी महोत्सव 2025 के अन्तर्गत शुक्रवार को प्रेस क्लब में दोपहर 2 बजे से लघुकथा मन्थन 2025 का आयोजन कर रहा है।

हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित मन्थन तीन सत्रों में सम्पन्न होगा, जिसमें विमर्श, सम्मान, लघुकथा पाठ एवं लोकार्पण होगा।
आयोजक संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने बताया कि ‘आयोजन के उद्घाटन सत्र में ‘सामाजिक चेतना के प्रसार में लघुकथाओं की भूमिका’ विषय पर सुप्रसिद्ध साहित्यकार नर्मदा प्रसाद उपाध्याय की अध्यक्षता में विनय पिंगले के मुख्य आतिथ्य में विमर्श होगा, जिसमें भोपाल से स्वाति तिवारी का विशिष्ट आतिथ्य रहेगा। इसी सत्र में सुप्रसिद्ध साहित्यकार सूर्यकान्त नागर व प्रताप सिंह सोढ़ी को जीवन गौरव सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
दूसरे सत्र में मुख्य अतिथि भोपाल से वरिष्ठ लघुकथाकार कान्ता रॉय व अध्यक्षता डॉ. पद्मा सिंह व सह आचार्य डॉ. मौसमी परिहार सीमा व्यास जी के विशिष्ट आतिथ्य में ‘रील युग में लघुकथाओं की व्यावसायिकता एवं शोध आयाम’ पर विमर्श होगा।
तृतीय सत्र में इन्दौर के लोकप्रिय सांसद शंकर लालवानी के मुख्य आतिथ्य, भोपाल के साहित्यकार घनश्याम मैथिल ‘अमृत’ की अध्यक्षता व इन्दौर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अरविंद तिवारी का विशिष्ट आतिथ्य रहेगा।
इस सत्र में चयनित लघुकथाकार अपनी लघुकथा का पाठ करेंगे एवं प्रतिभागियों का सम्मान किया जाएगा। सत्रों का संचालन अखिलेश राव करेंगे।’

आयोजन में पंचौली रेस्टोरेंट, मातृभाषा डॉट कॉम व संस्मय प्रकाशन का सहयोग रहेगा। यह आयोजन खुला एवं निःशुल्क है, बतौर श्रोता सभी आमंत्रित हैं।

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।