टन टन टन बज गई घंटी,
गुरुजी की उठ गई शंटी।
गर्मी की छुट्टी फुर्र हो गई,
गुरुजी की गुर्र शुरू हो गई।
गोलू भोलू खेलना बन्द,
पढ़ना इनको नहीं पसंद।
मम्मी ऊपर से चिल्लाए,
पापा गुस्से में आंख दिखाए।
सारी मस्ती भई छूमंतर,
पढ़ाई का डंडा है सिर पर।
सुबह-सुबह स्कूल को जाना,
होमवर्क फिर करके लाना।
धमा-धम्म सब कूदे खिड़की से,
डर गए सब मैडम की झिड़की से।
लंच में हम सब लूट मचाएं,
आलू-रोटी हम क्यों खाएं।
मोहन की लूटी थी मिठाई,
कक्षा में पड़ गई पिटाई।
छुट्टी के दिन बीते रे भाई,
अब मन लगाकर करो पढ़ाई।
भोलू गोलू बिट्टो बंटी,
टन टन टन बज गई घंटी।
#सुशील शर्मा
परिचय : सुशील कुमार शर्मा की संप्रति शासकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय(गाडरवारा,मध्यप्रदेश)में वरिष्ठ अध्यापक (अंग्रेजी) की है।जिला नरसिंहपुर के गाडरवारा में बसे हुए श्री शर्मा ने एम.टेक.और एम.ए. की पढ़ाई की है। साहित्य से आपका इतना नाता है कि,५ पुस्तकें प्रकाशित(गीत विप्लव,विज्ञान के आलेख,दरकती संवेदनाएं,सामाजिक सरोकार और कोरे पन्ने होने वाली हैं। आपकी साहित्यिक यात्रा के तहत देश-विदेश की विभिन्न पत्रिकाओं एवं समाचार पत्रों में करीब ८०० रचनाएँ प्रकाशित हुई हैं। इंटरनेशनल रिसर्च जनरल में भी रचनाओं का प्रकाशन हुआ है।
पुरस्कार व सम्मान के रुप में विपिन जोशी राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान ‘द्रोणाचार्य सम्मान-२०१२’, सद्भावना सम्मान २००७,रचना रजत प्रतिभा
Wed Jun 14 , 2017
खिलाफत करने वाले सब परों को छांट देंगे हम। बहा करके लहू अपना , धरा को पाट देंगे हम॥ उठी गर जो तिरंगे पर कभी ऊँगली किसी की तो, कसम माँ भारती की , हाथ उसका काट देंगे हम॥ […]