क्या कल्चर है नाइट?

क्या कल्चर है नाइट ?
ज़्यादा ग़लत, कम राइट,
चकाचौंध से धुंधली हो रही
इन आँखों की लाइट ।
क्या….

  1. पी के झूम रहे हैं,
    रात में घूम रहे हैं,
    सिगरेटों के उड़ते धुएँ को
    ले के चूम रहे हैं।
    बिना डोर के उड़ा रहे हैं
    देखो अपनी काइट।
    क्या…..
  2. मात-पिता क्या कहते!
    गुपचुप घर में रहते,
    बिगड़ रही है सारी संस्कृति
    पर बेचारे सहते।
    खर्चा तो देना है उनको
    जेब भले हो टाइट।
    क्या…..
  3. कोई बुरा न अच्छा,
    छोड़ें समझ के बच्चा?
    बच्चे ही तो दे देते हैं
    बड़े-बड़ों को गच्चा।
    जहाँ भी देखो, वहाँ हो रही
    एक-दूजे की फ़ाइट।
    क्या….
  4. कैसे इन्हें समझाएँ?
    रस्ता सही दिखलाएँ!
    दो लाइन में इनकी ग़लती
    इनसे ही लिखवाएँ।
    सड़कों पर ऐसे लडकों का
    क्या फ़्यूचर है ब्राइट ?
    क्या….
  5. सबके दिन ढलना है,
    जीवन एक छलना है,
    जितनी साँसें मिली हैं सबको
    उतना तो चलना है।
    कम हो जाएगी निश्चित ही
    अच्छी ख़ासी हाइट।
    क्या…..

प्रदीप नवीन

वरिष्ठ आशु कवि एवं साहित्यकार,
इन्दौर, मध्य प्रदेश

matruadmin

Next Post

डाॅ. एस. एन. तिवारी स्मृति सम्मान रविवार को, आठ रचनाकार होंगे सम्मानित

Fri Dec 23 , 2022
डाॅ. पगारे और डाॅ. दीक्षित को विशिष्ट साहित्यिक योगदान सम्मान इंदौर । वरिष्ठ शिक्षक और लेखक डाॅ. एस.एन. तिवारी की स्मृति में इस वर्ष (2022) आठ रचनाकारों को सम्मानित किया जाएगा। सम्मान समारोह रविवार 25 दिसंबर को अपरान्ह 4.15 बजे मध्य भारत हिन्दी साहित्य समिति, इन्दौर के शिवाजी सभागार में […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।