
जीवन का
नेटवर्क
जब
सही-सही
काम नहीं करता
तब
ऐसा लगता है
काश!
ईश्वर ने कोई
रिस्टार्ट
बटन दिया होता।
या जब
बहुत सारी स्मृतियाँ
दिल का बोझ
बढ़ाने लगती हैं
तब भी
मन कोई
डिलीट ऑल
का बटन
तलाशने लगता है।
अर्देन्दु भूषण
इन्दौर, मध्यप्रदेश
लेखक वर्तमान में दैनिक प्रजातंन्त्र के सम्पादक और स्तम्भकार है।

