भौतिक के साथ आध्यात्मिक उपलब्धियां उन्नत राष्ट्र निर्माण में साधक बनें-प्रो. रजनीश शुक्ल

0 0
Read Time5 Minute, 45 Second

ब्रह्माकुमारी में मीडिया परिसंवाद आयोजित

इंदौर। मूल्यनिष्ठ मीडिया वहीं है जो लोगों को शांति और संतुष्टता देता है। जो सूचनायें बेचैनी देती है और शांति छिनने की कोशिष करती है, वे मूल्य नहीं है। राष्ट्र निर्माण में मीडिया की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है इसलिये संचार माध्यमों को बहुत सजग और सचेत होकर समाज में अपसंस्कृति के प्रचार को रोकने के लिये हस्तक्षेप करना चाहिये।
उक्त विचार आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के इंदौर जोन के पूर्व निदेशक तथा ब्रह्माकुमारीज मीडिया प्रभाग के अध्यक्ष रहे ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाईजी की 7वीं पुण्य स्मृति के उपलक्ष्य में  आयोजित ” राष्ट्र निर्माण और मीडिया ” विषय पर  ज्ञानशिखर में आयोजित मीडिया परिसंवाद में मुख्य अतिथि महात्मागाँधी अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्व विद्यालय वर्धा के कुलपति प्रो. रजनीश शुक्ल ने कहे।


श्री शुक्ल ने आगे कहा कि मूल्यों से समृद्ध हमारी भारतीय प्राचीन परंपरा रही है। उसी राह पर चल मनुष्यों को मूल्यों से जोड़गें तो राष्ट्र बनेगा। भौतिक के साथ आध्यात्मिक उपलधियां उन्नत राष्ट्र निर्माण में बाधक नहीं साधक बने।


परिसंवाद में अध्यक्षता करते हुए मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के निदेशक तथा देवपुत्र पत्रिका के संपादक डॉ विकास दवे ने कहा कि ‘लोगों ने मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ होने का मान दिया है। हमें उस शुचिता की मर्यादा की चिंता करनी चाहिए। मीडिया समाज के अंतिम व्यक्ति के कष्टों को भांप कर उसे दूर करने का ईमानदारी से प्रयास करें।
इस अवसर पर आशीर्वचन देते हुए इंदौर जोन की मुख्य क्षेत्रीय समन्वयक ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने कहा कि भारत का इतिहास स्वर्णिम इतिहास रहा है। स्वतंत्रता प्राप्ति के पूर्व मीडिया ने राष्ट्र निर्माण एवं देशभक्ति के भावों से ओतप्रोत जनजागृति का महान कार्य किया। आज मीडिया लोगों को सूचित करने, शिक्षित करने के साथ साथ समाजिक, पारिवारीक, मानवीय मूल्यों को पूर्नस्थापित करने की जिम्मेवारी निभाये तो भारत पूनः विश्व गुरु बन जायेगा।
माउण्ट आबू ब्रह्माकुमारीज मीडिया प्रभाग के राष्ट्रीय समन्वयक ब्रह्माकुमार शांतनु भाई ने कहा कि भारत की परंपरा ही लोक मंगल की रही है। समाधान परक पत्रकारिता से राष्ट्र की एकता प्रबल होगी।
माउण्ट आबू से पधारे मधुबन न्यूज़ के प्रधान संपादक ब्रह्माकुमार कोमल भाई ने कहा कि जिस प्रकार एक तिली जलाने से अंधकार समाप्त होकर रोशनी हो जाती है उसी प्रकार राष्ट्र निर्माण के लिए शुभ संकल्प की तिली हम स्वयं जलायेंगे तो सभी इस शुभ कार्य में हमें सांथ देंगे।  
कार्यक्रम में कुशाभाउ ठाकरे पत्रकारिता विश्व विद्यालय रायपुर के पूर्व कुलपति डाॅ. मानसिंह परमार, नईदुनिया के प्रधान संपादक सद्गुरु शरण अवस्थी, दैनिक भास्कर के संपादक अमित मंडलोई, एस. आर. चैनल के संपादक प्रो. राजीव शर्मा, प्रजातंत्र के संपादक अनिल कर्मा ने अपने विचार रखे।
माउण्ट आबू से पधारी ब्रह्माकुमारी तुलसी बहन ने योग की गहन अनुभूति कराई।
 सर्व प्रथम पुष्प गुच्छ, बेच एवं दुपट्टे द्वारा अतिथियों का सम्मान किया गया। शक्तिनिकेतन की कुमारियों द्वारा सुंदर स्वागत नृत्य की प्रस्तुति दी गई। शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया। कार्यक्रम का कुषल संचालन नवभारत के समूह संपादक क्रांति चतुर्वेदी ने किया एवं मीडिया विंग कोर कमेटी की सदस्य ब्रह्माकुमारी अनिता दीदी ने सभी का अभार माना।
इस अवसर इंदौर के साथ साथ उज्जैन, देवास, रतलाम एवं राजगढ़ आदि समूचे मालवांचल के प्रिंट इलेक्ट्रानिक मीडिया से जुडे़ मीडिया कर्मीयों ने भाग लिया।

matruadmin

Next Post

"मालवी-हिंदी लघुकथाएं" का 'लोकार्पण समारोह' शनिवार को

Thu Nov 17 , 2022
इंदौर। ‘अपणो मालवो ‘के सचिव अभिमन्यु शर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि साहित्यकार प्रो. (डॉ.) योगेन्द्र नाथ शुक्ल की लघुकथाओं की सातवीं अनूदित कृति “मालवी-हिंदी लघु कथाएं” जिसका अनुवाद मालवी बोली पर समर्पित हेमलता शर्मा ‘भोली बेन’ ने किया है, उसका लोकार्पण दिनांक 19 नवंबर 2022, शनिवार, को हिंदी […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।