लघुकथा मन्थन का आयोजन रविवार को इन्दौर में

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लघुकथा पर गंभीर विमर्श के साथ शहर की साहित्यिक संस्थाएँ होंगी सम्मानित

इन्दौर। हिन्दी को राष्ट्र भाषा बनाने के प्रथम पहल का साक्षी रहा शहर इन्दौर आज भी अपनी हिन्दी सेवा से साहित्य जगत में जाना जा रहा है। इसी तारतम्य में हिन्दी महोत्सव 2022 के तहत मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा रविवार को इन्दौर प्रेस क्लब में दोपहर 2 बजे से लघुकथा मन्थन आयोजित किया जा रहा है। हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित मन्थन चार सत्रों में सम्पन्न होगा, जिसमें विमर्श, सम्मान, लघुकथा पाठ एवं विमोचन होगा।

आयोजक संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने बताया कि ‘इन्दौर लघुकथा का गढ़ रहा है, इसी दृष्टि से लघुकथा का मन्थन इन्दौर में आयोजित किया जा रहा है। आयोजन के प्रथम सत्र में ‘लघुकथा के वर्तमान व स्वर्णिम भविष्य’ विषय पर ख़्यात लघुकथाकार भोपाल से कान्ता रॉय व सतीश राठी सहित पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पन्नालाल जी विमर्श करेंगे। दूसरे सत्र में इन्दौर की सक्रिय साहित्य व हिन्दी सेवी संस्थाओं का सम्मान किया जाएगा, जिसमें इन्दौर लोकसभा से सांसद शंकर लालवानी के मुख्य आतिथ्य व दूरदर्शन भोपाल की संयुक्त निदेशक पूजा वर्धन की अध्यक्षता एवं इन्दौर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अरविंद तिवारी के विशेष आतिथ्य में सम्मान दिया जाएगा।’


तृतीय सत्र में मुख्य अतिथि वरिष्ठ लघुकथाकार योगेन्द्र नाथ शुक्ल व अध्यक्षता उज्जैन से मीरा जैन करेंगे व विशेष आतिथ्य संयुक्त संचालक, जनसंपर्क इन्दौर डॉ. आर आर पटेल करेंगे । इस सत्र में चयनित लघुकथाकार अपनी लघुकथा का पाठ करेंगे। चौथे सत्र में साहित्यग्राम का विमोचन एवं प्रतिभागियों का सम्मान किया जाएगा। सत्रों का संचालन अंशुल व्यास एवं प्रीति दुबे करेंगे।’

संस्थान के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य नितेश गुप्ता ने बताया कि ‘शहर की 15 संस्थाओं एवं 3 बड़े आयोजकों का सम्मान मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा किया जाएगा, जिनमें श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति, हिन्दी परिवार, क्षितिज, वामा साहित्य मंच, विचार प्रवाह, लेखिका संघ, अखण्ड सन्डे, शौर्य नमन, तूलिका, वंशीवट, शुभ संकल्प, विद्याजंलि भारत, अभ्यास मण्डल, रंजन कलश, अवध समाज सहित इन्दौर लिटरेचर फेस्टिवल, लिट् चौक व अंतरराष्ट्रीय महिला समागम का भी सम्मान किया जाएगा।’

संस्थान की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. नीना जोशी ने बताया कि ‘आयोजन में चयन मण्डल द्वारा चयनित ग्यारह लघुकथाकार अपनी स्वरचित लघुकथा का पाठ करेंगे।’

लघुकथा जैसी विधा पर एक विमर्श और मन्थन की दरकार रही है, उसी तारतम्य में यह महनीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें इन्दौर प्रेस क्लब, नवरस, ओज़ल फ़ार्म, पंचौली रेस्टोरेंट का सहयोग रहेगा। इसके साथ संस्थान इस विमर्श को स्थापित कर लघुकथा विधा एवं हिन्दी के प्रचार के लिए एक सकारात्मक हल प्रदान करेंगे, जो निकट भविष्य में साहित्य व लघुकथा की दृष्टि से कारगार होगा। यह आयोजन खुला एवं निःशुल्क है, बतौर श्रोता सभी आमंत्रित हैं।

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।