अखिल भारतीय स्तर पर बाल साहित्य सम्मानों हेतु आमन्त्रण

rajkumar
आकोला |
“राजकुमार जैन राजन फाउंडेशन, आकोला (राज.) द्वारा अखिल भारतीय स्तर पर पिछले 12 वर्षों से नियमित प्रदान किये जा रहे बाल साहित्य सम्मानों  2018 हेतु अपनी उपलब्धियों का विवरण एवम सम्मान योग्य वरिष्ठ साहित्यकारों  के नामों की अनुशंषाएँ 20 सितम्बर 2018 तक सादर आमंत्रित है। निम्न सम्मान 13 वें भव्य सम्मान समारोह में प्रदान किये जाएंगे-
■राष्ट्र कवि प. सोहनलाल द्विवेदी बाल साहित्यकार सम्मान ( 21000/-)
■डॉ राष्ट्र बन्धु स्मृति वरिष्ठ बाल साहित्यकर सम्मान (5000/-)
■डॉ राष्ट्र बन्धु स्मृति युवा बाल साहित्यकार सम्मान (5000)
■डॉ श्रीप्रसाद स्मृति वरिष्ठ बाल साहित्यकार सम्मान(5000/-)
■डॉ श्रीप्रसाद स्मृति युवा बाल साहित्यकार सम्मान (5000/-)
■डॉ बालशौरि रेड्डी स्मृति बाल साहित्यकार सम्मान ( दो, प्रत्येक  3100/-)
■उत्कृष्ठ बाल पत्रिका सम्मान ( 5000/-) पिछले 5 वर्षों से नियमित प्रकाशित हो रही बाल पत्रिकाएं, पिछले 3 अंकों की 2-2 प्रतियां भेजनी होगी।
■बाल साहित्य उन्नयन सम्मान (ऐसी साहित्यिक पत्रिकाओं के लिए जो कमसे कम 4-6 पृष्ठ बाल साहित्य के नियमित प्रकाशित कर रही है।( 3100/-)
■ चन्द्र सिंह बिरकाली राजस्थानी बाल साहित्यकार सम्मान (5000/-
■ बाल साहित्य सृजन के लिए 11 स्मृति सम्मान , (प्रत्येक  2100/-)
उपरोक्त सम्मान हिंदी बाल साहित्य सृजन, उन्नयन, प्रचार प्रसार के क्षेत्र में महनीय योगदान करने वाले  भारत-नेपाल के चयनित रचनाकारों /पत्रिकाओं को दिया जाएगा। अतः  पिछले 5 वर्षों में प्रकाशित बाल साहित्य की श्रेठ पुस्तक की 2 प्रतियों के साथ, बाल साहित्य के प्रचार प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयासों का विवरण भी सलग्न कर भेजना होगा।  अपना एक ताजा रंगीन फोटो व उपलब्धियों का स प्रमाण विवरण सलग्न करें
 वरिष्ठ बाल साहित्यकारों को स्वयम कोई प्रविष्टि भेजने की आवश्यकता नही है, प्राप्त अनुशंसाओं के आधार पर हम स्वयं संपर्क करेंगे।
सम्मान हेतु आपसे अनुशंषाएँ सादर आमंत्रित हैं जिसमें  वरिष्ठ बाल साहित्यकारों का  सम्पूर्ण अवदान, उनका पूरा पता व सम्पर्क सूत्र भेजिएगा ।
 नोट: *किसी भी प्रकार की जानकारी व्हाट्सएप्प न. 98282 19919  ले सकते हैं, पर कोई फोटो ,मीडिया फाइल, बायो डेटा पोस्ट न करें*।
प्रविष्टियां/पुस्तकें /अनुशंषाएँ केवल रजिस्टर्ड डाक द्वारा ही भेजी जानी चाहिए(कुरियर से नही)। हमारा पता-
राजकुमार जैन राजन
चित्रा प्रकाशन
आकोला- 312205 (चित्तौरगढ़) राजस्थान
■ अन्य साहित्यिक सम्मानों के लिए प्रविष्टियां शीघ्र आमन्त्रित■

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।