मातृभाषा द्वारा कोरोना सुरक्षा कवच वितरित

कुक्षी।

मानव मात्र की सेवा के लिए प्रतिबद्ध मातृभाषा उन्नयन संस्थान के सेवा सर्वोपरि प्रकल्प द्वारा नगर कुक्षी में पुलिसकर्मियों एवं किन्नरों को कोरोना सुरक्षा कवच किट वितरीत किए गए।

ख़बर हलचल न्यूज़ के सह संपादक सुरेश जैन ने बताया कि ‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा विगत एक माह से लगातार इन्दौर शहर सहित जबलपुर, भोपाल इत्यादि शहरों में राशन, भोजन और पानी का वितरण किया जा रहा है, इसी कड़ी में कोरोना योद्धाओं के तौर पर कार्यरत पुलिसकर्मियों की भी सुरक्षा के लिए कार्य करना संस्थान का ध्येय है। इसी के मद्देनज़र प्रकल्प के माध्यम से संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ के नेतृत्व में कुक्षी शहर में तैनात पुलिसकर्मियों एवं शहर के किन्नर गुरु रेशम भुआजी को कोरोना सुरक्षा कवच किट उपलब्ध करवाए गए।’

सेवा सर्वोपरि प्रकल्प के कुक्षी संयोजक एवं ख़बर हलचल न्यूज़ के प्रबंध संपादक देवेन्द्र जैन, सिद्धार्थ तांतेड़ आदि सेवादूतों द्वारा सुरक्षा कवच किट वितरण किया गया। एस डी ओ पी ए व्ही सिम्ह जी द्वारा संस्थान के कार्यों की सराहना की एवं प्रकल्प का धन्यवाद ज्ञापित किया।

matruadmin

Next Post

मातृभाषा द्वारा किन्नर समूह को कोरोना सुरक्षा कवच वितरित

Tue Jun 8 , 2021
इन्दौर। हमेशा अपनी दुआओं से घर-परिवार को रौशन रखने वाले किन्नर समूह को कोरोना के आपदाकाल में मातृभाषा उन्नयन संस्थान एवं सेवा सर्वोपरि प्रकल्प द्वारा आज कोरोना सुरक्षा कवच वितरित किए गए। सेवा सर्वोपरि प्रकल्प के इरशाद खान ने बताया कि ‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान विगत दो माह से राशन, भोजन […]

पसंदीदा साहित्य

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।