मातृभाषा द्वारा किन्नर समूह को कोरोना सुरक्षा कवच वितरित

इन्दौर।

हमेशा अपनी दुआओं से घर-परिवार को रौशन रखने वाले किन्नर समूह को कोरोना के आपदाकाल में मातृभाषा उन्नयन संस्थान एवं सेवा सर्वोपरि प्रकल्प द्वारा आज कोरोना सुरक्षा कवच वितरित किए गए।

सेवा सर्वोपरि प्रकल्प के इरशाद खान ने बताया कि ‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान विगत दो माह से राशन, भोजन और पानी का वितरण शहर में कर रहा है, इसी कड़ी में वृहन्नलला किन्नर समुदाय की कोरोना से सुरक्षा के लिए हमारे अध्यक्ष डॉ.अर्पण जैन ‘अविचल’ के नेतृत्व में आज किन्नर परिवार में कोरोना सुरक्षा कवच वितरित किए गए।’

कहते हैं हमेशा दुआ देने वाले लोग इस आपदा काल में कहीं जा नहीं पा रहे, ऐसे दौर में संस्थान के सेवादूतों द्वारा उनके निवास स्थान पहुँच कर किन्नर गुरु सीमा दीदी, शाइन दीदी, फ़रज़ाना दीदी इत्यादि को संस्थान के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य नितेश गुप्ता, अमीर खान, डॉ. नीना जोशी आदि सदस्यों ने किट वितरित कर दुआएँ लीं। किन्नर फ़रज़ाना दीदी द्वारा मातृभाषा उन्नयन संस्थान और सेवा सर्वोपरि प्रकल्प को ख़ूब आशीर्वाद दिया गया।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।