
विकार बढ़ गए सब तरफ़
रिश्ते हो गए सब तार तार
अंग प्रदर्शन की होड़ लगी
खो गए है अदब लिहाज
बड़े छोटे का सम्मान नही
बाप बेटे मे भी प्यार नही
बहनो की लाज संकट मे
माँ तक से रहा दुलार नही
घोर कलियुग का दौर है
रहा किसी पर एतबार नही
मेरी मानो स्वयं को सुधारो
नफरत त्यागो प्यार पालो
परमात्मा को साथी बना लो
भलाई करके इंसानियत पा लो ।
#श्रीगोपाल नारसन

