
पतित से पावन बनिए होली पर
विकारों को त्याग दे होली पर
चलाइये प्यार की पिचकारी
उड़ाइए रंग और गुलाल होली पर
बैर वैमनस्य मिट जाए होली पर
गैरो को भी गले लगाये होली पर
काम, क्रोध, मोह, लोभ, अहंकार
इन सबकी होली जलाये होली पर
बुराइयों से जंग शुरू करें होली पर
हरे वृक्षों की रक्षा करे होली पर
प्रदुषण कतई न फैलाये होली पर
परमात्मा का ध्यान करे होली पर।
#श्रीगोपालनारसन

