
कलम के सिपाही कमल ने
मूल्यों के लिए अलख जगाई
अध्यात्म का हो समावेश
पत्रकारिता ऐसी सिखाई
सात्विकता का पाठ पढ़ाया
सच का आईना दिखलाया
ब्रह्माकुमारीज से स्वयं को जोड़ा
चरित्र निर्माण का अभियान छेड़ा
स्वच्छ पत्रकारिता के प्रहरी थे वे
कमल दीक्षित शिव प्यारे थे वे
वे देह छोड़ शिवधाम चले गए
हमें कर्मयोग का पाठ पढ़ा गए।
—-श्रीगोपाल नारसन

