
झूठ,बेईमानी,मक्कारी से
हो गए कुछ लोग मालामाल
सत्य,ईमानदारी,सादगी में
अच्छे लोग हो रहे बेहाल
इसका दोषी कोई ओर नही
है कलियुग का महाकाल
जहां गधे पजरी खा रहे है
बौद्धिक बजा रहे सिर्फ गाल
इस कलियुग के प्रभाव से
अब तो मुक्ति पानी ही होगी
जो विकार घेरे है हम सबको
उनको अलविदा करनी होगी
पतित से पावन हो जाने का
यही एक स्वर्णिम अवसर है
परमात्मा से योग लगाने का
हर क्षण सुनहरा अवसर है।
#श्रीगोपाल नारसन

