शहर में

0 0
Read Time1 Minute, 6 Second
cropped-cropped-finaltry002-1.png
मुनासिब  नहीं  हर  रोज मिलना  शहर में
बहुत मुश्किल है एकसाथ चलना शहर में।

ख्वाहिशें दम तोड़ देती है हर शाम यहां
हर सुबह उठाता है नया सपना शहर में।

कल की मुलाकात आज पुरानी हो जाती है
गिरगिट- सा रंग पड़ता है बदलना शहर में।

हंसते-गाते खुशियां मनाते मस्ती में मस्त लोग
फूट-फूट के बहुत होता भी है रोना शहर में।

बर्सी गमों की हंसी से होती है आजकल
आसूं कितने में पड़े,ये भी है जोड़ना शहर में।

मुकद्दर की रोटी भी जद्दोजहद से मिले है यहां
शौक रखते है लोग तेरा मेरा हक़ मारना शहर में।

रिश्तों में परवाह कौन करता है साहब इधर
अपनों से अपनी अस्म़त भी है लुट जाना शहर में।

ठोकरे खूब खाता है आदमी ‘जितेन्द्र’ यहां
नहीं है फिर भी सम्भल के चलना शहर में।

जितेंद्र शिवहरे
महू( इन्दौर)

matruadmin

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

"पर्यावरण सी बेटी"

Fri Jul 13 , 2018
पर्यावरण बनता जैसे पौधे से, घर संसार बनता वैसे बेटी से। बेटी बचाओ का प्रयास जैसे हो रहा , वैसे ही पर्यावरण को बचाने का प्रयास मानव कर रहा । न काटो पौधे धरती सूख जायेगी , न मारो बेटी को ममता रूठ जायेगी। तबाही दोनों से होगी ये समझ […]

पसंदीदा साहित्य

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।