
ख़ता इतनी नहीं है देखिए जी।
हमारी बेबसी है देखिए जी।
तुम्हारे सामने बैठे हुए हैं,
तुम्हारी बन्दगी है देखिए जी।
तुम्हें देखे बिना बुझती नही है,
बड़ी ये तिश्नगी है देखिए जी।
तुम्हारा यूँ हमारे साथ होना,
हमारी जिंदगी है देखिए जी।
सभी जितनी रही हमसे तुम्हारी,
शिक़ायत लाज़मी है देखिए जी।
#नवीन माथुर ‘पंचोली’

