
कामदा के घर जन्मा था
राजलक्ष्मी का राजदुलारा
भारत मां को आजादी देने
जेल गया आंखों का तारा
बचपन मे सब पोल्टू कहते
बड़े हुए तो प्रणव हो गए
पढ़ाई लिखाई में अव्वल रह
लिपिक से बैरिस्टर हो गए
पत्रकार बने,प्राध्यापक बने
राजनीति में भाग्य आजमाया
विधायक, सांसद,मंत्री पद
राष्ट्रपति तक दायित्व निभाया
भारत रत्न का सम्मान मिला
परमात्मा से चिर विराम मिला।
#श्रीगोपाल नारसन

