
दशरथ से राम अवतरित हुए
प्रालब्ध उन्हें भी भोगना पड़ा
पुत्र वियोग में तड़प तड़प कर
प्राणों को अपने त्यागना पड़ा
श्रीकृष्ण के जन्म से पहले ही
वासुदेव बन्दी बना लिए गए
देवकी मां को सुख मिला नही
जंजीरो में पांव जकड़ लिए गए
खेवनहार भी कर्मो का लिखा
किसी का भी मिटा सकते नही
प्रालब्ध भोगना ही पड़ता है
इसमे कोई किसी का सगा नही।
#श्रीगोपाल नारसन

