देशभर में कोरोना के स्वच्छता योद्धाओं का सम्मान कर विहिप ने मनाई अम्बेडकर जयंती

अस्पृश्यता विहीन समरस समाज का संकल्प दोहराया

नई दिल्ली।

विश्व हिन्दू परिषद् ने आज देश भर में बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर जी की जयंती प्रशासनिक आदेशों का पालन करते हुए स्वच्छता योद्धाओं को सम्मानित कर मनाई। जगह-जगह ना सिर्फ वंचित समाज के बन्धु/भगिनियों को सुरक्षा मास्क / हेण्ड ग्लव्स / सैनिटाइजर इत्यादि बांटकर संकट के इस काल में उनका व उनके परिजनों का हालचाल जाना बल्कि बाबा साहब के चित्रों व मूर्तियों पर माल्यार्पण भी किया गया।

इस अवसर पर हरियाणा के रोहतक में भगवान वाल्मीकि बस्ती, पुराना राम लीला मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम में विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री श्री डॉ सुरेंद्र जैन ने देश में वैश्विक महामारी कोरोना से लड़ रहे स्वच्छता योद्धाओं को नमन करते हुए कहा कि वैश्विक भयावय परिदृश्य को देखते हुए भारत में यह महामारी नियंत्रण से बाहर नहीं है और हमें आशा है कि हम सभी जल्द इस पर विजय प्राप्त कर लेंगे। इसका बड़ा श्रेय आप जैसे स्वच्छता योद्धाओं को ही जाता है। जो जीवन पर खतरा मोल लेकर भी देश को स्वच्छ रखे हुए हैं।

भारत के संविधान निर्माता व सामाजिक समरसता के पुरोधा बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर जी को उनकी जयंती पर देश भर में उन्हें नमन करने हेतु स्वच्छता योद्धाओं को सम्मानित करने की इस कड़ी में राजधानी दिल्ली में भी अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कलावती अस्पताल के सामने वाली सेवा बस्ती में जहां विहिप के केन्द्रीय महा-सचिव श्री मिलिंद परांडे व दिल्ली के प्रांत अध्यक्ष श्री कपिल खन्ना ने बाबा साहब के सच्चे कर्मठ कर्म वीरों को सम्मानित किया तो वहीं तिलक नगर में विहिप के केन्द्रीय संगठन महा-सचिव(संगठन) श्री विनायक राव देशपांडे के साथ दिल्ली प्रांत कार्याध्यक्ष श्री वागीश इस्सर व बजरंगदल तथा दुर्गा वाहिनी के प्रांत पदाधिकारियों ने बाबा साहब को नमन करते हुए स्वच्छता योद्धाओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर विहिप कार्यकर्ताओं ने अस्पृश्यता विहीन समरस समाज की पुन: स्थापना का अपना संकल्प भी दोहराया.

भवदीय
विनोद बंसल
राष्ट्रीय प्रवक्ता, विश्व हिंदू परिषद

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।