साहित्य संगम संस्थान द्वारा लेखक आशुतोष को दो सम्मान-पत्र

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नई दिल्ली द्वारा समीक्षाधीश तथा कलम बोलती है साहित्य ग्रुप द्वारा पुरूष रत्न सम्मान पत्र से विभूषित हुए पटना बिहार के लेखक आशुतोष कुमार झा।
उन्होंने बताया कि होली के दिन यह दो सम्मान उनके लिए बहुत मायने रखती है यह सम्मान संस्थान द्वारा दिए गये विषय पर अपनी समीक्षात्मक कार्य और रचना प्रस्तुत करने पर मिली है जो मेरी लेखनी को दिन प्रतिदिन निखारता रहेगा। 
संस्थान ऐसी प्रतियोगिता लगातार करवाकर एक अच्छा प्रयोग कर रही है जिससे सोचने का कम लिखने को ज्यादा मिलता रहता है ।युवाओ से विशेष अपील है कि वे साहित्यिक ग्रुप से जुड़े और अपने विचार से देश को अवगत कराये तथा दूसरे को प्रोत्साहित करें यह नये भारत के निर्माण के साथ उनकी खुद की प्रतिभा निखरेगी और हमारी संस्कृति का भी विकास होगा।
रंगोत्सव होली की बधाई और शुभकामनाओं देते हुए कहा है कि सभी मिलजुलकर पर्व मनायें और साहित्य पढें यही कामना करता रहूँगा । 

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गर्व

Thu Mar 12 , 2020
है अभिमान हमें अपनी गौरवगाथा पर वीरों की वीरता पर समृद्ध विवेकशीलता पर। है अभिमान हमें अपनी मातृभूमि पर अपनी भाईचारे पर अपनी एकता पर। है अभिमान हमें अपने शास्त्रो पर वेद पुराणो पर गीता और रामायण पर है अभिमान हमें अपनी संस्कृति पर अपनी सभ्यता पर अपनी संविधान पर। […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।