विश्व पुस्तक मेले में ‘ऑपरेशन बस्तर’ का विमोचन

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इंदौर / दिल्ली।

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय महासचिव कमलेश कमल का पहला उपन्यास ‘ऑपरेशन बस्तर’ का विमोचन मंगलवार को दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे विश्व पुस्तक मेला 2020 में हुआ।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार डॉ. आशीष कांधवे, सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार लालित्य ललित एवं मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल मौजूद रहे।
ज्ञात रहें कि इस पुस्तक की ख्याति ने विमोचन के पहले ही प्रीबुकिंग में अमेज़ॉन की भारतीय पुस्तकों की बेस्ट सेलर सूची में तीसरे पायदान पर पहुँचा दिया। हजारों पाठकों एवं हिन्दी प्रेमियों ने कमलेश कमल की पुस्तक की प्रीबुकिंग कर उत्सुकता व्यक्त की हैं।

हम अपने हिन्दी योद्धा को पढ़ना चाहते है…
निश्चित तौर पर मैं खुद हिन्दी आंदोलन से जुड़ा हुआ हूँ और मेरी उत्सुकता है इस किताब को पढ़ने में, यह भी जानते है कि कमल जी भाषा पर गहरी पकड़ रखते है, किन्तु उनकी लेखनी की कसावट ही ‘ऑपरेशन बस्तर’ की तरफ खींच रही है।

  • जलज व्यास ( आम पाठक की रॉय)

मेरे नवोदय का गर्व कमलेश कमल
हिन्दी माँ की सेवा का जो बीड़ा कमलेश कमल एवं दल ने उठाया है वह राष्ट्र की अनुपम सेवा है, और इसी के चलते उनकी किताब को पढ़ना मेरा सौभाग्य है।
कमलेश कमल जी ने नवोदय विद्यालय से अध्यन किया है यह हम 3 लाख से अधिक छात्रों का गर्व हैं।

  • तेज प्रताप, पटना (नवोदय के छात्र व ऑपरेशन बस्तर के पाठक)

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।