दोहा छंद विधान

आओ दोहा सीखलें,शारद माँ चितलाय।
सीख छंद दोहा रचें,श्रेष्ठ सृजन हो जाय।।
💫
ग्यारह तेरह मात्रिका, दो चरणों में आय।
चार चरण का छंद है,दोहा सुघड़ कहाय।।
💫
प्रथम तीसरे चरण में,तेरह मात्रा आय।
दूजे चौथे में गिनो, ये ग्यारह रह जाय।।
💫
चौबिस मात्रिक छंद है,कुलअड़तालिस होय।
सुन्दर दोहे जो लिखे, सत साहित्यिक जोय।।
. 💫 ✍✍
दोहा चार चरणों का मात्रिक छंद होता है।
प्रथम व तृतीय चरण में 13,13 मात्राएँ होती है।
द्वितीय व चतुर्थ चरण में 11,11मात्राएँ होती है।

1.💫
प्रथम व तीसरे चरणांत
में 212 (जैसे-मान है )
या 111{जैसे — कमल)

2..💫
दूसरे व चौथे चरणांत में
2 1(जैसे आव,मान,आमान अवसान)

3..💫
चरणों की शुरूआत कभी भी 5 मात्रा वाले शब्द (पचकल) से न हो।

4.💫
तर्ज में गुनगुना कर देखें लय भंग हो तो बदलाव करें।
मात्रा स्वतः ही सही हो जाएगी।

5..💫
चरणों की शुरुआत जगण से (121) न हो। महेश,सुरेश,दिनेश ,गणेश आदि देव नाम मान्य है बाकी नही।।
💫
शेष जानकारी व गूढ़ नियम आप बाद में जुटा सकते है। लिखना शुरु करें🙏🙏
जैसे…..
ऋचा बड़ा शुभ नाम है, वेदों जैसी भाष।
1 2 1 2 1 1 2 1 2, 2 2 2 2 2 1
. 13. , 11
हिन्दी बिन्दी सम रखे,हरियाणा शुभ वास।।
2 2 2 2 1 1 1 2,1 1 2 2 1 1 2 1
. 13 , 11
इस तरह सीखे👆. .~~~बाबूलालशर्मा
. दोहा छंद विधान
. 💫
मात शारदा सुमिर के, सुमिरो देव गणेश।
दोहा रचना सीखिए,कविजन सुमिर’महेश।।
. 💫
दोहा छंदो मे लिखो ,कविजन अपनी बात।
तेरह ग्यारह मात्रिका, अड़तालिस हो जात।।
. 💫
प्रथम तीसरे चरण में, तेरह मात्रा पूर।
गुरु लघु गुरु चरणांत हो,भाव भरे भरपूर।।
. 💫
विषम चरण के अंत में,लघुलघुलघु भी होय।
लय में गाकर देख लो, लय बाधा नहि होय।।
. 💫
द्वितीय चौथे चरण में, ग्यारह मात्रा होय।
सम चरणों के अंत में,गुरु लघु मात्रा जोय।।
. 💫
पचकल से शुरु मत करो,कभीचरणकविराइ
भाषा भावों में भरो, देख लीजिए गाइ।।
. 💫
चरणों के प्रारंभ में, जगण दोष नहि आय।
नाम देव के होय तो, जगण दोष बचि पाय।।
. 💫
सम से ही चौकल सजे,
. त्रिकल त्रिकल से मान।
भाव भरे मन में रचे,
. दोहे सुन्दर शान।।
. 💫
सम चरणों के अंत में,जो पचकल आजाय।
दोहा भी सुन्दर लगे, सृजन सुघड़ हो जाय।।
. 💫
दोहा छंदो में लिखा ,दोहा छंद विधान।
शर्मा बाबू लाल ने, सीखें रहित गुमान।।

नाम–बाबू लाल शर्मा 
साहित्यिक उपनाम- बौहरा
जन्म स्थान – सिकन्दरा, दौसा(राज.)
वर्तमान पता- सिकन्दरा, दौसा (राज.)
राज्य- राजस्थान
शिक्षा-M.A, B.ED.
कार्यक्षेत्र- व.अध्यापक,राजकीय सेवा
सामाजिक क्षेत्र- बेटी बचाओ ..बेटी पढाओ अभियान,सामाजिक सुधार
लेखन विधा -कविता, कहानी,उपन्यास,दोहे
सम्मान-शिक्षा एवं साक्षरता के क्षेत्र मे पुरस्कृत
अन्य उपलब्धियाँ- स्वैच्छिक.. बेटी बचाओ.. बेटी पढाओ अभियान
लेखन का उद्देश्य-विद्यार्थी-बेटियों के हितार्थ,हिन्दी सेवा एवं स्वान्तः सुखायः 

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।