इस दुनिया में देखो कलाकार बहुत है
सच और झूठ के सलाहकार बहुत है
मत दिखाना अपनी गरीबी किसी को
क्योंकि लोग यहां अब लाचार बहुत हैं
चलते यहाँ सिलसिले सिर्फ गुफ्तगूं के
यहाँ पर बातचीत के गुणाकार बहुत हैं
रहनुमाओ कसीदें देने से कुछ नही होगा
हर घर घुसकर देखो बेरोजगार बहुत हैं
और सियासत मुफ्त में ले ले ये तोहफा
मेरे पास अच्छे अच्छे विचार बहुत हैं
#प्रशांत कौरव ‘मजबूर’
परिचय: प्रशांत कौरव ‘मजबूर’ की जन्मतिथि-१७ अक्टूबर १९९२ और जन्म स्थान-आडेगाँव(खुर्द,गाडरवाड़ा जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश) है। मप्र के इसी शहर-गाडरवाड़ा में आपका निवास है। उच्चतर शिक्षा के बाद आपका कार्यक्षेत्र-कृषि का निजी व्यवसाय है। आप सामाजिक क्षेत्र में कौरव महासभा नरसिंहपुर में सक्रिय हैं। लेखन विधा-वीर रस अपनाई हुई है तो करीब २५० अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में मंच से भी कविताएं सुना चुके हैं। सम्मान के रुप में नवोदित रचनाकार सम्मान,भीष्म साहित्य सम्मान,वाग्दत्ता साहित्य सम्मान, सरस्वती साहित्य परिषद युवा रचनाकार सम्मान काव्य कलश समान २०१७ भी आपको दिया गया है। आपके लेखन का उद्देश्य यही है कि,अपनी कविताओं के माध्यम से सब लोगों को हर बार एक आजाद हिन्दुस्तान का संदेश और आतंकवादियों,भ्रष्टाचारियों तथा देशद्रोहियों से हमेशा लड़ने का प्रोत्साहन देते रहें।