प्रो.कसबे जिला अध्यक्ष नियुक्त

IMG-20190526-WA0046
इंदौर ।
हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए कार्यरत संस्था ‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ की अनुशंसा पर महाराष्ट्र के प्रदेश प्रभारी रामेश्वर टेलर ने औरंगाबाद जिला अध्यक्ष के रूप में वेजापुर निवासी प्रो. आबसाहेब आर.कसबे को नियुक्त किया है।
प्रो. कसबे कई वर्षो से साहित्य साधना व पत्रकारिता में सक्रिय है। आप महाविद्यालय में पढ़ाते भी है। हिन्दी के प्रचार अभियान में अग्रणी भूमिका निभाने वाली प्रो. कसबे पेशे से पत्रकार है। वर्तमान में प्रो.कसबे हिन्दी प्रचार हेतु समग्र जिले में जागरुकता अभियान का संचालन करेंगे एवं हिंदी योद्धाओं की नियुक्ति कर हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने हेतु जनमानस का समर्थन प्राप्त करेंगे। साथ ही जिले में ‘हस्ताक्षर बदलो अभियान’ का संचालन करेंगे। मातृभाषा उन्नयन संस्थान देशभर में हिन्दी में हस्ताक्षर करने की प्रेरणा देते हुए जनता से ‘हस्ताक्षर बदलो अभियान’ से जोड़ रही हैं जिसमे अभी तक लगभग 8 लाख से अधिक लोगों ने प्रतिज्ञा पत्र भर कर हिन्दी में हस्ताक्षर करने की प्रतिज्ञा ली हैं। संस्थान हिन्दी को रोज़गारमूलक भाषा बनाने के दायित्व के साथ-साथ भारत के समस्त भाषाओं का हिन्दी भाषा के साथ समन्वय स्थापित करने की दिशा में भी कार्यरत हैं। प्रो.कसबे की नियुक्ति पर संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अर्पण जैन ‘अविचल’, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ नीना जोशी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य शिखा जैन, मृदुल जोशी के साथ म.प्र. के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश कमल, प्रदेश महासचिव, प्रिंस बैरागी दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष रिंकल शर्मा,  सहित सभी सदस्यों ने हर्ष व्यक्त करते हुए शुभकामनाएँ प्रेषित की।

matruadmin

Next Post

हमारी हिन्दी

Tue Jun 4 , 2019
हमारी हिन्दी करती शिकायत ममता भरी।१ हिन्दी महान करिये गुणगान बन ताकत।२ वीरता बन हमारी पहचान बनाती हिंदी।३ हिंदी दिवस मनाते धूमधाम जानें कारण।४ हर तरफ देते शुभकामना वंदन हिंदी।५ हिंदी विवस जाँचती परखती अपना मान।६ हिन्दी हिन्दुत्व परिभाषा उतरी परीक्षा रण।७ #नवीन कुमार भट्ट परिचय : पूरा नाम-नवीन कुमारभट्ट […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।