स्कूल खुल गया है….

2

shalini

नया-नया बस्ता लेने की जिद,
करता अब हर रोज चुन्नू..
जाना है मम्मी अब हमको स्कूल,
मम्मी कहती-बाबू अभी रुक जाओ
दिला दूँगी सब थोड़ा रुको..।

पर चुन्नू ना-मम्मी,
सबके पास है नया बस्ता,
नई कॉपी,हमको भी चाहिए…
मम्मी बोली-अच्छा,ला दूँगी।

बस चुन्नू अब बस्ते के सपने देखे,
आज गया स्कूल,दोस्तों से बोला
कल मेरा भी नया बस्ता आएगा,
खूब खुश।

आँखों में भी छलके नव्यता,
याद आता फिर अपना बचपन..
कितना उत्साह रहता,
नई चीजों का जी करता..
एक दिन में ही पूरी किताब,
पढ़ जाऊँ।।

पुराना होते ही मन भरने लगता,
उत्साह घटने लगता..
पर नए में खूब रमे मन,
चुन्नू भी बस कहता-हम रोज
स्कूल जाएंगे,नई टिफिन में
खाना खाएंगे।

इतना उत्साह,कि सपने में
बड़बड़ाता..
नया बस्ता,नई किताब।।

                                                                                    #शालिनी साहू

matruadmin

2 thoughts on “स्कूल खुल गया है….

Comments are closed.

Next Post

ख़त भी जला के देखे..

Wed Apr 5 , 2017
यादों को तेरी दिल से ऐसे मिटा रहे हैं, लिख-लिख के नाम तेरा अपना बता रहे हैं। ख़त भी जला के देखे,यादें गईं न दिल से, तस्वीरें जो थीं तेरी, वो भी जला रहे हैं। जिस दिल में याद ज़ालिम तेरी बसी है अब तक, उस दिल में अपने हाथों […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।