इस तरह से घयाल मत करो।
दिल मेरा नाजुक है,
कही टूट न जाये।
और जो बन रही है बात।
कही वो बीच में, छूट न जाये।।
कोई तो होगा
आपके दिल में।
जिसके लिए आपका,
दिल धड़कता होगा।
तुम अपना दिल,
जिसको दोगे इससे पहले।
इस न चीज पर,
भी थोड़ी नजर रखना ।
शायद आपके दिल के,
कोने में कुछ जगह हो।।
दिल आपका भी धड़कता है।
दिल मेरा भी धड़कता है।
क्या कभी दिलों ने, महसूस किया।
कही दोनों दलों की धड़कन एक जैसी न हो ?
#संजय जैन
परिचय : संजय जैन वर्तमान में मुम्बई में कार्यरत हैं पर रहने वाले बीना (मध्यप्रदेश) के ही हैं। करीब 24 वर्ष से बम्बई में पब्लिक लिमिटेड कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत श्री जैन शौक से लेखन में सक्रिय हैं और इनकी रचनाएं बहुत सारे अखबारों-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहती हैं।ये अपनी लेखनी का जौहर कई मंचों पर भी दिखा चुके हैं। इसी प्रतिभा से कई सामाजिक संस्थाओं द्वारा इन्हें सम्मानित किया जा चुका है। मुम्बई के नवभारत टाईम्स में ब्लॉग भी लिखते हैं। मास्टर ऑफ़ कॉमर्स की शैक्षणिक योग्यता रखने वाले संजय जैन कॊ लेख,कविताएं और गीत आदि लिखने का बहुत शौक है,जबकि लिखने-पढ़ने के ज़रिए सामाजिक गतिविधियों में भी हमेशा सक्रिय रहते हैं।
Wed May 8 , 2019
किसी की मोहब्बत में खुद को मिटाकर कभी हम भी देखेंगे अपना आशियां अपने हाथों से जलाकर कभी हम भी देखेंगे ना रांझा ना मजनूं ना महिवाल बनेंगे इश्क में किसी के महबूब बिन होती है ज़िंदगी कैसी कभी हम भी देखेंगे मधुशाला में करेंगे इबादत ज़ाम पियेंगे मस्ज़िद में […]