उम्मीदों की धूप

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खुशियों की टोकरी में,

उम्मीदों की धूप लिए,

वह गुनगुनाती जाती है,

घंघोर अंधेरा टूटेगा,

जुल्म की धुंध छट जाएगी,

जब इल्म का सूरज उगेगा,

ज्ञान प्रकाश छा जाएगा,

तब

नभ चूमने उड़ेगे, सब खग,

हर कली फुल बन जाएगी,

जब ज्ञान चक्षु खुल जाएंगे,

भंवरे, गीत ये गाएंगे,

“एक दिन वो भी आएगा,

जब हम, एक इंकलाब लाएंगे,

इंसानी गैर बराबरी को,

इतिहास के पन्नों में दफनाएंगे,

सही मायने में तब,

इंसान को इंसान होने का,

गौरव हम दिलाएंगे,

हम इंकलाब लाएंगे,

जब, ज्ञान चक्षु खुल जाएंगे,

वैज्ञानिक चेतना से हम,

इस दूनिया के,

झूठे मिथकों से रहस्य हटाएंगे,

झूठे मिथकों से रहस्य हटाएंगे,

जब वैज्ञानिक चेतना जागृत कर पाएंगे,

इसलिए

रचनात्मक-विवेचनात्मक-शिक्षाशास्त्र

के लिए हम संघर्ष करते जाएंगे।

शिक्षा के नाम पर हम

‘जानकारियों का बोझा’ न हम उठाएंगे

पर भाषा में रट-रट कर हम,

छद्म ज्ञान का भ्रम न पाले जाएंगे

इसलिए सांस्कृति बोलियों में,

रचनात्मक विवेचनात्मक शिक्षण ही कराएंगे।

अजी! समान विद्यालयी व्यवस्था के लिए,

हम, संघर्ष करतें जाएंगे।

हम, संघर्ष करतें जाएंगे।।“

#अश्विनी कुमार ‘सुकरात’

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।