जनता है भगवान
बोलो राम राम राम!
चुनाव देखकर नेता आते
वादों का अंबार लगाते
पानी,विजली ,साफ सफाई
को अपना मुद्दा बतलाते
भोली भाली जनता को वे
मौका पाकर खूब रिझाते
बात-बात पर वंदन करते
करते उन्हें प्रणाम।
बोलो राम राम राम!
लोकतंत्र के रक्षक बनते
जनता के वे भक्षक बनते
स्व हित के कारण नेतागण
जनता के संरक्षक बनते
आत्मप्रशंसा से न थकते
जनहित की बस चिंता करते
बात बात पर नेतागण
जन का करते गुण गान
बोलो राम राम राम!
जाति धर्म को अस्त्र बनाते
क्षेत्रवाद को शस्त्र बनाते
अपने चन्द हितों के कारण
खुद को एकदम भ्र्ष्ट बनाते
मुद्दों का बस क्रन्दन करते
खुद को हष्ट पुष्ट बनाते
अस्त्र शस्त्र के चक्रव्यूह में
लोकतन्त्र को पस्त बनाते
जनता की अगुआई करते
जपते हरदम जन नाम
बोलो राम राम राम!
नेताजी तब तक दिखते
जब तक होता दंगल
फिर योजनाओं के लाभ से
करते अपना मंगल
दंगल मंगल की आपाधापी से
बन जाता जंगल,
जंगल मे खूब विचरण करते
फिर मचता कोहराम
बोलो राम राम राम!
#सम्पदा मिश्रा
परिचय : सम्पदा मिश्रा की जन्मतिथि-१५ नवम्बर १९८० और जन्म स्थान-महाराष्ट्र है। आप शहर- इलाहाबाद(राज्य-उत्तर प्रदेश) में रहती हैं। एम.ए. एवं बी.एड. तक शिक्षित सम्पदा जी का कार्यक्षेत्र-बतौर प्रवक्ता अर्थशास्त्र(डाईट-इलाहाबाद) है। आपकी विधा-गद्य एवं पद्य है। आप स्वर्ण पदक विजेता हैं और लेखन का शौक है। लेखन का उद्देश्य-समाज को नई दिशा देना है।
Sun Dec 9 , 2018
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