ख्याल दिल में तेरा

shivesh agrawal

ख्याल दिल में तेरा आया न होता
नैन  जो  तुझसे  लड़ाया न होता

कहना चाहती थी तुझसे मेरी आँखे
कह जाती तो ख़त आया न होता

जिगर में तेरे मैं तेरा बन के रहता
जो किया तूने मुझको पराया न होता

जलाए चराग़ मैंने तेरे दिल में
जलते गर तूने बुझाया न होता

नही ख़लूक देता तेरे दिल का कोना
जो गुल उसमे मैंने खिलाया न होता

सोगवार न होता कभी मेरा ये दिल
जो संग तेरे सपना सजाया न होता

ये  हयात तेरी हसीन होती नन्हा
जो दिल उसने तेरा दुःखाया न होता

#शिवेश अग्रवाल ”नन्हाकवि”

परिचय

नाम – शिवेश अग्रवाल

साहित्यिक उपनाम – नन्हाकवि

वर्तमान पता –  खिरकिया जिला हरदा 

राज्य – मध्यप्रदेश

शहर -खिरकिया हरदा

शिक्षा – बी.कॉम प्रथम वर्ष

विधा – ग़ज़ल  नज़्म

प्रकाशन – उड़ान (ग़ज़ल साँझा संग्रह 2017, एक रोटी मासिक पत्रिका (ओम्कारेश्वर), नागरिक वाणी (झारखण्ड), जय विजय नवी मुंबई (ई पत्रिका), वर्तमान दैनिक अंकुर अख़बार (नोएडा), नगर कथा साप्ताहिक अख़बार (इटारसी), नव्या ई पत्रिका व सोशल मीडिया पर विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में रचना प्रकाशन।

लेखन का उद्देश्य – अंधकारमयी जीवन में प्रकाश लाना अपने लेखन से देश दुनिया में जनमानस तक सन्देश प्रेषित करना व भटको को सही राह दिखाना ।

matruadmin

Next Post

सुहागन

Wed Oct 3 , 2018
“यह तुम्हारा रोज़-रोज़ का तमाशा हो गया है। दो दिन आती हो और चार दिन छुट्टी मारती हो…कभी लड़की बीमार है, कभी लड़का और कभी खुद। काम में मन लगता नहीं, बस पैसे चाहिए। मालूम है इस महीने पूरे दो सौ पचास रूपये चढ़ गये हैं। महीना पूरा होने में […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।