
मन में कोई दरवाज़ा है
उस दरवाज़े पर दस्तक़ भी होती
ये मैंने तब जाना जब तुम आये
बंद आँखो से तुम्हें लिखती हूँ
वो कविता तुम हो
होठो पे हर वक्त फबते हो
वो ग़ज़ल खास तुम हो
हर घडी तुम्हें सुनती
वो लाजवाब धुन तुम हो
तुम्हारी हसरत में मैं जगती
तुम्हारे ख्वाब को सोती
वो एहसास तुम हो
#डॉ.नीना जोशी
परिचय : डॉ.नीना जोशी मुलत: इंदौर, मध्यप्रदेश निवासी है |आपने होम्योपैथी चिकित्सा में एम.एस की डिग्री हासिल की है |
आप वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरविंद जोशी की धर्मपत्नी है|चिकित्सकिय कर्म के उपरांत आपकी हिन्दी साहित्य में गहरी रूचि है | आप मातृभाषा उन्नयन संस्थान की प्रदेश सचिव भी हैं |
Wed Oct 3 , 2018
कहाँ-कहाँ फैली है गंदगी क्या-क्या तुम साफ करोगें सड़क,गली मोहल्ले और बेटी से भी इंसाफ करोगें बीड़ी,शराब और तम्बाकू या हो सिगरेट का धुँआ सब के सब है हानिकारक कहलाता मौत का कुआँ मौत वह भी नही जो आसानी से आ जाती है हाँ,मौत वह है जो तड़पा-तड़पा कर खाती […]