सुनो

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sandhya

सुनो
एक पगली सी लड़की
तुम्हे बहुत चाहती है
तुम सिर्फ उस के हो
ये सोच के इतराती है
बेइंतहा कोई किसी को
चाहे ये मुमकिन तो नही
बस खूबसूरत से ख्यालों
में डूब जाती है
दर्द की हर एक
दास्तां वो तुम्हारे साथ
हो कर भूल जाती है
यूँ तो जमाने मे भला
कौन किसी का साथ देता है।
फिर भी ना जाने कौन सा
रिश्ता है जो वो तुमसे
निभाये जाती है।
गुमसुम सी रहती है
अपनी ही ख्यालों की
दुनियाँ में कही वो
एक प्यार का आशियाना
तुम्हारे दिल मे सजाये जाती है।
एक पगली सी लड़की
सोच के उन लम्हो को
वेवजह ही मुस्काये जाती है
गुम हो जाती है अपनी
सजायी इस दुनियाँ में
तुम्हे अपना हमसफ़र
वो बनाये जाती है
एक पगली सी लड़की
आज फिर वेवजह ही
क्यों ना जाने मुस्कुराये
जाती है।
कितनी मासूम है
उस की मुहब्बत की
बदले में वो तुम से
कुछ नही बस दो
मीठी प्यारे बोल
ही मांगे जाती है।
तुम ना समझोगे कभी
उस को ये वो भी
जानती है मगर
बस तुम्हे अपने
प्यार का अहसास
दिलाये जाती है।
वो पगली लड़की
बिन कुछ कहे
बिन कुछ सुने
एक नगमा
एक तरन्नुम सी
गाये जाती है।।

संध्या चतुर्वेदी
मथुरा उप

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।