भूख

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atul kumar
भूख तुम कुछ भी हो
कविता नहीं हो/
कहानी,ग्रंथ,निबंध भी नहीं;
सब भोथरे है तुम्हारे आगे,
बदलती रही है प्रासंगिकता इनकी
समय के साथ /
तुम नहीं बदली
तुम्हारा होना ही प्रमाण है,
तुम्हारी अमरता का
सदियों से विचरती रही
तन मन धन के वास्ते
कभी “मधु” के चावल में
कभी “संतोषी” के भात में;
दुखो के सभी आयाम नतमस्तक खड़े है
“पेट की भूख” के आगे,
दुनिया आग इकट्ठा कर रही
सिक रही भावनायें
सुलग रहीं मानवता की साँसे
फिर सिकेगीं रोटियां पेट की आंच में,
रोटियो पर बैठेगी संसद
कलम फिर उतरेगी तरकश में/
आँसू अँगुलियों में होंगे
लेकिन रोटी कहीं नहीं होगी
सलाम अपराजिता ।

नाम-अतुल कुमार पाण्डेय ‘यायावर’

पता-ग्राम पोस्ट बभनौली पाण्डेय,थाना-लार जिला देवरिया उत्तर प्रदेश।
शिक्षा-गणित परास्नातक,शिक्षा स्नातक
कार्यक्षेत्र-प्रवक्ता,श्री रैनाथ ब्रह्मदेव स्नातकोत्तर महाविद्यालय सलेमपुर देवरिया उत्तर प्रदेश
विधा-कविता
सम्मान-कमल की कलम से ‘मजदूर’ कविता केलियेसम्मानित
प्रकाशन-हिन्द युग्म प्रकाशन से हाईकु संग्रह “शत हाईकुकार”२०१६ मे प्रकाशित।
 “कविता मेरे लिये भाव सम्यक दृष्टि है”
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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।