जियो और जीने दो का सिद्धांत, जब रूद्ध हो जाए , दुश्मनी आवाम, शांतिदूतों के विरुद्ध हो जाएं, शांति और सुलह की हर राह, जब अवरुद्ध हो जाए, तो जन जन के मन से आवाज आती है, शुरू,अब युद्ध हो जाए। हम शांति का बीज रोपते, तू आतंक की फसल […]

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प्राइमरी का परेशान मास्टर, भयानक सपना देख रहा था। सपने में ही सेल्फी से खिंचा,  फोटो अपना देख रहा था।। पल- पल, हर-पल, फोटो उसे, खींचने का पैगाम मिला था। खुद को साबित करने हेतु, ऐसा काम मिला था।। प्रश्नों से घिरा बेचारा, भले ही गहरी नींद में खोया था। […]

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स्वस्थ अगर रहना है तन से, सुबह सुबह में योग करें। मर्यादा में रहना है तो, शौचालय का प्रयोग करें।। ना जाने कितनी बीमारी, खुले शौच से होती हैं। और घर की बहू बेटियां, अपनी इज्जत होती हैं।। मूंछों का ख्याल रखो तुम, महिलाओं का मान रखो। बेटी घर की […]

तू मेरे एकान्त का एकान्त है कैसे कह दूँ कि मुझे प्यार नहीं साँसों की लड़ियों में गुँथे हुऐ लम्हों के मनके मुझे प्रेम प्रस्ताव ज्ञापित करते हैं क्यों कह दूँ कि मुझे स्वीकार नहीं, शब्द निरस्त हो जाते हैं अधरों पर आकर जैसे लहरें साहिल पर तन्य तारों के […]

चिड़िया रानी चिड़िया रानी सूने हैं सब कुआँ बावड़ी आजकल नहीं आती हो कहाँ मिल जाता है पानी तरस गई हैं घर की मुँढेर और सकोरे तरस गये नहीं आई हो कब से तुम कितने सावन बरस गये रोज रोज जाकर देखता छत पर है क्या कुछ निशानी लेकिन जैसा […]

शब्द समुच्चय मात्र नहीं है संकल्प है एक जो दुहराता है अपनी प्रतिबद्धता को जिसने की है कोशिश चीरने की निसीथ अंधकार को स्व अस्तित्व की लौ से.. वह तुम्हें सीमाओं में बांध रहा था रखा वरदहस्त उसने सतीत्व के रक्षार्थ किया अलंकृत विभिन्न उपमाओं से हाथ बढ़े और बढ़े […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।