
एक स्त्री रास्ते में बैठी रो रही थी। दूसरी स्त्री उसके पास गुजरते हुए रूकी, फिर उसके समीप बैठकर रोने लगी। कुछ समय बाद वहॉ से एक आदमी गुजरा उन लोगों को रोता हुआ देखकर कारण पूछा,तो पहले रोने वाली स्त्री ने कहा- मेरी बकरी दब कर मर गई। इतना सुनते ही वह आदमी उन्हें हिकारत से देखकर जोर से हंसा और हंसते-हंसते अपनी राह पे पर चल पड़ा।
अब दोनों स्त्रियॉ अपने-अपने आंसू पोंछने लगीं, तब रूक कर रोने वाली दूसरी स्त्री उठी और गुस्से में बोली- मक्कार कहीं की खामखा खुद भी रोई और मुझे भी रूला दिया।
#सुरेश सौरभ

