
तुमको मिलने की ख्वाहिश,,
जैसे गगन से धरती मिलती दिखती,,
तुमको पाने की ख्वाहिश,,
जैसे बूंद कोई धरा पर गिरती,,
ह्रदय की पीड़ा की जड़ तुम हो,,
आंसु का खारा पन तुम हो,,
तुमसे ही व्याकुल मन मेरा,,
तुमसे मिलने को आतुर हर क्षण मेरा,
कैसे तुम्हे बिदा कर आऊं ,,
बिछड़ के तुमसे जुदा हो जाऊं,,
मेरी वेदना का आकाश तुम्ही हो,,
रात से मन का प्रकाश तुम्ही हो,,
# सचिन राणा हीरो

