सोलह श्रृंगार..

jaswant
आज सबको बतलाता हूँ ,
नारी के सोलह श्रृंगार ।
कोमल शरीर को सँवार के ,
सज जाती है देखो नार ।।
परिवार की समृद्धि बढ़े ,
इसलिए नारी बिंदी लगाती ।
जीवन भर पति साथ निभाये ,
इसलिये माथे पे सिंदूर सजाती ।।
काजल आँखों में लगाकर ,
बुरी नजर से सबको बचाती ।
प्यार के गहरे रंग के खातिर ,
कोमल हाथो में मेहंदी रचाती ।।
पहनती है जो लाल जोड़ा ,
शादी में शुभ माना जाता ।
गजरा लगाती जब बालो में ,
श्रृंगार और भी बढ़ जाता ।।
मांग टीका लगाने से नारी ,
जीवन में सही निर्णय ले पाती ।
सुंदर नथ जब पहने नाक में ,
पति की बीमारी दूर भगाती ।।
कानों में पहनें कर्णफूल ,
बुराई सुनने-करने से बचाते ।
गले के वो नवलखे हार ,
नारी को बीमार होने से बचाते ।।
घर में धनधान्य हो इसलिए ,
हाथों में बाजूबंद पहनती ।
सुहाग का प्रतीक होती है ,
हाथों में चूड़िया खनकती ।।
अंगूठी अनमोल है क्योंकि ,
विश्वास प्यार की है निशानी ।
कमर में पहनती कमरबन्द ,
नारी ही है घर की स्वामिनी  ।।
हिम्मत कभी नहीं हारे नारी ,
अतः बिछुआ धारण करती ।
उसके आने की आहट हो जाती  ,
जब पायल झनकार करती ।।
शोभा बढे नारी की “जसवंत” ,
जब करती है सोलह श्रृंगार ।
मान और भी  बढ़ जाता है ,
क्योंकि ये है भारतीय संस्कार ।।

नाम – जसवंत लाल बोलीवाल ( खटीक )

पिताजी का नाम – श्री लालूराम जी खटीक ( व.अ.)

माता जी का नाम – श्रीमती मांगी देवी

धर्मपत्नी – पूजा कुमारी खटीक ( अध्यापिका )

शिक्षा – B.tech in Computer Science

व्यवसाय – मातेश्वरी किराणा स्टोर , रतना का गुड़ा

राजसमन्द ( राज .) 

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।