हम एमबीए में एडमिशन लेने
की ख़ुशी में झूम रहे थे,
और हम कालेज कैम्पस में ही
घूम रहे थे।
लेकिन कालेज को लेकर
हमारे मन में दुविधा थी,
वहीं पूछताछ के लिए
चौकीदार की सुविधा थी।
चौकीदार से हमने पूछा,-
भाई एमबीए करने के लिए
कालेज कैसा है ?
क्योंकि इसके लिए हमने बहुत
उधार लिया पैसा है।
चौकीदार बोला-कालेज
बहुत बढ़िया है,
भाई मैंने खुद एमबीए,
यहीं से किया है।



बढ़िया है शानदार व्यंग्य।।हम भी छिंदवाड़ा से ही है
बहुत खूब!!!