गिनती गिनना आसान होता है
एक बच्चा भी
गिन सकता है गिनती
यह उन लोगों के लिये
आसान नहीं होता
जिन्हें कभी गिना ही नहीं गया
वह पहला आदमी
जिसे गिना नहीं गया
वह अंतिम आदमी
जो गिनती से बाहर है
उसका चेहरा नीला पड़ चुका है
नीले आकाश का नीलापन
उसके सामने फ़ीका है
गिनती का गणित
इस गणतंत्र का
शोक गीत है
गिनती से बाहर कर दिये गये
लोगों के लिये
जो लगा रहे गोता
लौट रहे खाली हाथ
उनके शरीर से बहता पसीना
गिनती में शामिल लोगों के लिये
शहद है ।।
#रोहित ठाकुर
नाम रोहित ठाकुर
शैक्षणिक योग्यता – परा-स्नातक राजनीति विज्ञान
विभिन्न प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिकाओं में कविताएँ प्रकाशित
विभिन्न कवि सम्मेलनों में काव्य पाठ
वृत्ति – सिविल सेवा परीक्षा हेतु शिक्षण
रूचि : – हिन्दी-अंग्रेजी साहित्य अध्ययन
पत्राचार :- जयंती- प्रकाश बिल्डिंग, काली मंदिर रोड,
पटना(बिहार)
Thu Jul 12 , 2018
मोटी मोटी फीस मोटे मोटे बस्ते गले में है टाई कमर में बेल्ट हाथ में बोतल पीठ पर बस्ता ले टिपिन चलें आओ स्कूल चलें बस में भीड़ भाड़ धक्का मुक्की होती बार बार हर जगह कतार पहले आओ पहले पाओ फीस लेकर चलें चलो स्कूल चलें गुरुजी की डांट […]