
हाल दिल का सदा ही छुपाते रहो ।
कोई कुछ भी कहे मुस्कराते रहो ।।
आँसुओं से कहो दिल के भीतर रहें ।
आंख की हर नमी को सुखाते रहो।।
बांट कर फूल दुनियाँ की झोली भरो,
अाप कांटों से दामन सजाते रहो।।
वेवफा हैं करें वेवफ़ाई सनम,
प्यार के गीत तुम गुनगुनाते रहो।
भूल कर “ममता”शिकवे गिले ये करो,
दूरियाँ बस दिलों की मिटाते रहो ।।
डाॅ. ममता सिंह

