ज़ूम

anju motvani
आदत हो गयी है
मेरी उँगलियों को
मोबाइल पर दिन भर
थिरकने की
अँगूठे और तर्जनी को
मिलकर कुछ खोजने की
चीज़ों को बारीकी से
परखने की
आदत भी ऐसी कि
अब तो अखबार हो या
हाथ में कोई पुस्तक
लगता है ज़ूम कर लो
सोचो ,कभी तुम्हे ही
ज़ूम कर लिया तो
तुम्हारी हर कमी
तुम्हारे दिल में
क्या क्या है
सब एकदम स्पष्ट
हो जायेगा
बिल्कुल क्लियर
तुम्हारे चेहरे के
आते जाते भाव
तुम्हारी आँखों में
मेरी तस्वीर है कि नहीं
तुम्हारी आँखों को
ज़ूम करके
देखना चाहूंगी कि
उनमें गुस्सा है कि प्यार
माथे की शिकन
कितनी गहरी है
होंठ कुछ कहने की
कोशिश में हैं कि
चाह कर भी
सावधान की मुद्रा में हैं
हाँ , यह भी
 हो सकता है कि
जो मुझे महसूस
न होता हो
वो  छुपा हुआ प्यार भी
परत दर परत
नज़र आ जाये
चलो , जीवन के
खट्टे मीठे लम्हों को
ज़ूम कर लें
तुम मुझे ज़ूम कर लो
मैं तुम्हे ज़ूम कर लूँ

        परिचय 

नाम ——अंजू मोटवानी 
प्रकाशन —–कई समाचार पत्रों ,पत्रिकाओं , साझा काव्य संग्रहों में रचनायें प्रकाशित , काव्य संग्रह ‘ दूर कहीं ‘ एवं ग़ज़लों की cd प्रकाशित 
सम्मान —— कई सहित्यिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित 
पता —-देवास (म .प्र )

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।