क्या विडंबना है कि ‘देवताअों की अपनी भूमि’ ही ईश्वर निर्मित पंचमहाभूतों में से एक जल के तांडव से कराह रही है। जब इस हरे-भरे केरल राज्य में अोणम की तैयारियां जारी थीं, ठीक उसके पहले जल प्रलय ने राज्य में न केवल दस्तक दी, बल्कि त्राहि-त्राहि मचा दी। अोणम, […]

हिंदी की इस उर्वरा भूमि में हिंदी के अनेक सुगंधित पुष्प खिले जिन्होंने मॉरीशस सहित विश्व में हिंदी की सुगंध को फैलाया है। वे न केवल हिंदी के प्रचार-प्रसार में लगे हैं बल्कि हिंदीभाषियों की नई पीढ़ियाँ तैयार करने में जी – जान से जुटे हैं। बाल – मन को […]

  क्या कांग्रेस का खोया राजनीतिक आत्मविश्वास लौटने  लगा है? क्या दो मीडिया संस्थानों के हालिया चुनावी सर्वे ने उसे मुगालते में ला दिया है? या फिर कांग्रेस को लगने लगा है कि मोदी सरकार के दिन जल्द ही लदने वाले हैं? ये तमाम सवाल इसलिए क्योंकि पिछले कई चुनावों […]

इंटरनेट की इस दुनिया ने पाठकों की पहुँच और पठन की आदत दोनों ही बदल दी है, इसी के चलते प्रकाशन और लेखकों का नज़रिया भी बदलने लगा है। भारत में लगभग हर अच्छे-बुरे का आंकलन उसके सोशल मीडिया / इंटरनेट पर उपस्थिति के रिपोर्टकार्ड के चश्में से देखकर तय […]

बापू राष्ट्रपिता तो अटल राष्ट्रनेता हैं कहने में कोई अतिश्योक्त‍ि नहीं हैं बल्क‍ि यथेष्ठ और गौरव की अनुभूति है। वास्त‍‍वि‍कता में यही यथार्थ व मौलिकता है लिहाजा, युगो-युगि‍न तप, कर्म, त्याग और बलिदान से महात्मा गांधी जैसे राष्ट्रपिता और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे राष्ट्रनेता के दीदार देश को होते है। हम खुशनसीब हैं […]

भारतीय राजनीती के एक युग का अंत…. जो जिया हो भारत भारती के लिए, जिसने ताउम्र केवल राष्ट्र जिया, कविता के शब्दों से संसद के गर्भगृह को सुशोभित किया हो, पोखरण परमाणु परिक्षण से विश्व को भारत की शक्ति का आभास कराया, कारगिल युद्ध से पाकिस्तान को औकात दिखाई हो, […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।