९ अगस्त १९४६, माँ की उम्र उस समय २२ वर्ष १ माह और आठ दिन थी,वे प्रसव वेदना से जूझ रहीं थीं। गाडरवारा जो आज भी एक क़स्बा ही है,उस समय एक छोटे से व्यवस्थित गाँव की शक्ल लिए हुए था। श्रावण माह समाप्त होने वाला था,किंतु अपनी विदाई से […]
संस्मरण
मेरी जीवंत स्मृतियों में आज भी शामिल है एक सहज सरल उमंगता बचपन। संयुक्त परिवार के रिश्तों की झिलमिल कड़ियां………शरारतें……….पढ़ाई……….. गुरूजनों का सम्मान……..संवेदना से भरा संसार………..इन्हीं सबमें मेरे विश्वास श्रद्धा को विनत भाव का एक पुष्ट संस्कार मिला। खुशनुमा बचपन में लौटती हूँ तो,वहाँ ढेरों खुशियों के साथ साथ बीत […]
