भारती के पुत्र आज, लेखनी उठा के हाथ अपने शहीदों को, सलाम लिख दीजिए। दुश्मनों के संग-संग, होली खेले लाल रंग, ऐसे वीर सैनिकों का नाम लिख दीजिए। खून से से भरे जो मांग, शोले-सी छुपाए आग, ऐसी मातृ शक्ति को प्रणाम लिख दीजिए। देश मे छुपे हैं जो, आतंक […]
काव्यभाषा
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