भावों को आकार देती कविता, शब्द भाव से बनती सरिता। परिवेश संग कल्पना से, बहती शब्द गंगा। जहां न पहुंचे रवि ! वहां वहां कवि पहुंचता । कवि अपनी लेखनी सहारे गागर में सागर भरता। एक पग जमीं दूजे पग अंबर, शब्द भाव चलते चलता। शब्द भाव की सरिता में, […]
इन्दौर। शहर के वयोवृद्ध लेखक 92वें वर्षीय डॉ. कृष्णचन्द्र सक्सेना को संस्मय प्रकाशन द्वारा संस्मय सम्मान 2024-25 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ द्वारा शनिवार को प्रदान किया गया। डॉ. सक्सेना की पुस्तक ‘अनहद नाद’ के कारण यह सम्मान आपको […]
